दिल्ली में सिटिज़न्स मार्च: SIR के खिलाफ इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन

दिल्ली में एसआईआर के विरोध में इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक सिटिज़न्स मार्च
एसआईआर के विरोध में दिल्ली में ‘सिटिज़न्स मार्च’ के दौरान प्रदर्शन करते लोग।

नई दिल्ली। Citizens’ March’ in Delhi: Protest against SIR from India Gate to Jantar Mantar. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में रविवार को दिल्ली में ‘सिटिज़न्स मार्च’ निकाला गया। आम लोगों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठनों के सदस्य इस मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक मार्च करने की कोशिश की।

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जंतर-मंतर की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

मार्च के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के मुद्दे पर भी विरोध दर्ज कराया गया। हालांकि, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए। क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई। इससे मार्च के आगे बढ़ने को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

यौन हिंसा मामले में एफआईआर की मांग

इससे पहले शनिवार को सीजेपी और अन्य संगठनों से जुड़े लोग संसद मार्ग थाने पहुंचे। यहां महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित यौन हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस के अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने मामले में कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

आइसा ने नेहा बोरा की हिरासत का लगाया आरोप

वामपंथी छात्र संगठन आइसा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नेता नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा किया। संगठन ने आरोप लगाया कि उन्हें एक ऐसे वाहन में ले जाया गया, जिसमें महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। आइसा ने यह भी कहा कि उस समय संगठन को नेहा बोरा के ठिकाने की जानकारी नहीं थी। हालांकि, इस आरोप पर दिल्ली पुलिस का पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।

नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाने से रिहाई का दावा

शाम को आइसा ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि नेहा बोरा को नरेला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया है। संगठन के अनुसार, रिहाई के समय उनके पास फोन और बैग नहीं था। आइसा ने उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए वकीलों की टीम थाने भेजने की बात भी कही। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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