भिलाई: फर्जी हस्ताक्षर से 28 लाख की धोखाधड़ी, संजय चौहान गिरफ्तार

सुपेला पुलिस की धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई, भिलाई में 28 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला
चौहान प्लाजा की दुकानों की बिक्री से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में सुपेला पुलिस की कार्रवाई।

भिलाई. सुपेला थाना पुलिस ने चौहान प्लाजा स्थित दो दुकानों की बिक्री से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार आरोपी संजय चौहान पर अपने भाई के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार कराने और अनापत्ति प्रमाण पत्र पर जाली हस्ताक्षर कर दुकानें बेचने का आरोप है। इस मामले में शिकायतकर्ता साजिद खान से 28 लाख रुपये प्राप्त किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

सुपेला थाना टीआई एसएन सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता साजिद खान ने लिखित आवेदन देकर संजय चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चौहान प्लाजा की दुकान नंबर 110 और 111 को बेचने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में कथित तौर पर हेराफेरी की गई। इसके बाद पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान दुकानों के स्वामित्व और बिक्री से संबंधित कागजात की पड़ताल की गई।

फर्जी लेटरहेड और हस्ताक्षर का आरोप

जांच में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित दुकानों की बिक्री के लिए अजय चौहान का अनापत्ति प्रमाण पत्र आवश्यक बताया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि 8 मार्च 2001 को बिलासपुर हाईकोर्ट से संबंधित संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगी हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर अपने भाई अजय चौहान के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार कराने और उस पर जाली हस्ताक्षर करके दुकानों की बिक्री करने का आरोप है। शिकायतकर्ता से अलग-अलग किस्तों में नकद और बैंक के माध्यम से कुल 28 लाख रुपये लिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

धोखाधड़ी की धाराओं में अपराध दर्ज

पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों और शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 468 के तहत अपराध क्रमांक 1601/2026 दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर नमूना हस्ताक्षर लिया गया। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद संजय चौहान को गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। आरोपी संजय चौहान, स्वर्गीय बीपत उर्फ दीपेश्वर चौहान का पुत्र है। उसकी उम्र 47 वर्ष बताई गई है। वह शास्त्री नगर, भिलाई का निवासी है और मामला थाना वैशाली नगर क्षेत्र के पते से संबंधित बताया गया है।

पुलिस टीम का रहा योगदान

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एस.एन. सिंह, उपनिरीक्षक धनेश्वर साहू, प्रधान आरक्षक उपेन्द्र सिंह तथा आरक्षक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी और अजित यादव की भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में दस्तावेजों की जांच और कथित धोखाधड़ी से जुड़े तथ्यों का महत्व बढ़ गया है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

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