INDIA गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च, SIR पर विवाद

दिल्ली में SIR प्रक्रिया के विरोध में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करते राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेता।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के विरोध में दिल्ली में विपक्षी नेताओं का मार्च।

भारी सुरक्षा के बीच सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे नेता

नई दिल्ली। Opposition marches against Election Commissioner in Delhi; INDIA alliance moves Supreme Court.मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में मार्च निकाला। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद INDIA गठबंधन के कई नेता तिलक मार्ग से होते हुए सुप्रीम कोर्ट के गेट बी तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रास्ते को लेकर खींचतान की स्थिति भी बनी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की जानकारी दी। इस घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल मौजूद थे। इनके अलावा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले और तेजस्वी यादव भी नजर आए।

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पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने भगवान दास मार्ग से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की कोशिश की थी। हालांकि, वे इस रास्ते से आगे नहीं बढ़ सके। इस दौरान धक्का-मुक्की होने की भी जानकारी सामने आई। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पुलिस ने इंडिया गेट सर्कल पर उनके काफिले को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद नेताओं ने दूसरा रास्ता अपनाया और सुप्रीम कोर्ट परिसर तक पहुंचे। याचिका से जुड़ी प्रक्रिया के बाद नेता वहां से लौट गए।

खड़गे ने सोशल मीडिया पर उठाया जवाबदेही का मुद्दा

मार्च के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने अपने संदेश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के विरोध और केंद्र सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी पारदर्शिता के लिए उसकी लड़ाई जारी रहेगी।

SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग

कर्नाटक के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने इस विरोध को व्यापक जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया। उनके अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को रद्द करने और सभी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की जा रही है।

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में बदलाव और बैलेट पेपर प्रणाली बहाल करने की मांग भी रखी। हालांकि, चुनावों को रद्द करने और मतदान प्रणाली में बदलाव जैसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र में आता है।

आगे क्या होगा?

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और याचिका पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। याचिका की वास्तविक स्थिति, उसमें की गई मांगों और अदालत के किसी आदेश की पुष्टि आधिकारिक न्यायिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।

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