दुर्ग पुलिस की जिलाबदर कार्रवाई: हरेराम 1 साल तक 7 जिलों से बाहर

दुर्ग पुलिस की जिलाबदर कार्रवाई, सुपेला थाना क्षेत्र का मामला
दुर्ग जिला प्रशासन ने हरेराम प्रसाद के विरुद्ध एक वर्ष के लिए जिलाबदर आदेश जारी किया।

दुर्ग। Durg Police’s externment action: Hareram barred from 7 districts for one year. जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस द्वारा असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सुपेला थाना क्षेत्र के कॉन्ट्रेक्टर कॉलोनी निवासी हरेराम प्रसाद के खिलाफ जिलाबदर का आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, उन्हें एक वर्ष तक दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के सात जिलों की सीमाओं में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया जिलाबदर आदेश

जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत आपराधिक अभिलेखों और प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद 1 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत यह आदेश पारित किया। आदेश में हरेराम प्रसाद के विरुद्ध वर्ष 1999 से विभिन्न आपराधिक और प्रतिबंधात्मक प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख है। पुलिस प्रतिवेदन के मुताबिक, संबंधित मामलों में मारपीट, धमकी, बलवा, चोरी, जुआ, शासकीय कार्य में बाधा और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं से जुड़े प्रकरण शामिल हैं।

एक सप्ताह के भीतर जिला छोड़ने के निर्देश

जारी आदेश के मुताबिक, हरेराम प्रसाद को आदेश की तिथि से सात दिनों के भीतर निर्धारित जिलों की सीमाओं से बाहर जाना होगा। इसके बाद एक वर्ष तक सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

इन 7 जिलों में रहेगा प्रवेश प्रतिबंध

जिलाबदर आदेश के दायरे में निम्न जिले शामिल हैं:

  • दुर्ग
  • रायपुर
  • धमतरी
  • बेमेतरा
  • बालोद
  • राजनांदगांव
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई

जिलाबदर आदेश में वर्ष 1999 से 2015 तक दर्ज विभिन्न आपराधिक और प्रतिबंधात्मक प्रकरणों का उल्लेख किया गया है। इनमें भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के साथ जुआ अधिनियम और प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों से संबंधित मामले भी शामिल हैं। पुलिस प्रतिवेदन में इन गतिविधियों से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसी आधार पर जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

सुपेला पुलिस की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना सुपेला पुलिस ने संबंधित आपराधिक रिकॉर्ड और आवश्यक तथ्यों का संकलन किया। इसके बाद जिलाबदर की प्रक्रिया के लिए प्रतिवेदन सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मारपीट, धमकी या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वालों की पहचान नियमानुसार गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिलाबदर आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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