दुर्ग में सड़क हादसों से मौतों में 28.31% की कमी, 9 महीने में बचीं 77 जानें

दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत वाहन चालकों की जांच और हेलमेट के प्रति जागरूकता
दुर्ग में सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि कम करने के लिए यातायात पुलिस द्वारा लगातार वाहन चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

दुर्ग। 28.31% drop in road accident fatalities in Durg; 77 lives saved in 9 months. जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए यातायात पुलिस के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 77 कम रही। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, यह 28.31 प्रतिशत की गिरावट है।

यातायात पुलिस द्वारा जिले में नियमित वाहन जांच, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।

अप्रैल में सबसे अधिक 18 मौतों की कमी

पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में हर महीने सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में कमी दर्ज की गई। जनवरी 2025 में 47 मौतें हुई थीं, जबकि जनवरी 2026 में यह संख्या घटकर 35 रही। फरवरी में 30 से घटकर 23 और मार्च में 37 से घटकर 29 मौतें दर्ज की गईं। इसी तरह अप्रैल में मौतों की संख्या 40 से घटकर 22 रही। यह नौ महीनों में सर्वाधिक 18 की कमी है। मई में 23 से 19, जून में 27 से 15, जुलाई में 21 से 20, अगस्त में 22 से 15 और सितंबर में 25 से 17 मौतें दर्ज की गईं।

हेलमेट और तीन सवारी पर सख्ती

दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं, तीन सवारी और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर फिक्स पॉइंट बनाए गए हैं। इन स्थानों पर सुबह से रात तक निगरानी रखी जा रही है।

नशे में ड्राइविंग करने वालों की जांच

शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर शाम से देर रात तक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान ब्रेथ एनालाइजर से वाहन चालकों की जांच होती है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जाते हैं।

ब्लैक स्पॉट पर निगरानी, घायलों को तत्काल मदद

दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट, ग्रे स्पॉट और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष चेकिंग की जा रही है। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम तथा नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं। दुर्घटना होने पर यातायात पुलिस के जवान घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में भी मदद कर रहे हैं। इसके अलावा दुर्घटना स्थलों पर आवश्यक सुधार कार्य किए जा रहे हैं। यातायात पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई के साथ जनसहभागिता भी जरूरी है। वाहन चालकों से हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा का पालन करने की अपील की गई है।

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