दुर्ग। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न की भारी कमी का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में दुकान से 994.12 क्विंटल चावल, 2.05 क्विंटल शक्कर और 13.70 क्विंटल नमक की कमी पाई गई है। खाद्य निरीक्षक टेकेश्वर प्रसाद साहू की शिकायत पर मोहन नगर पुलिस ने आरोपी मामले में दुकान संचालक मोहम्मद यासीन के विरुद्ध FIR दर्ज किया है।
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कलेक्टर के आदेश पर कार्रवाई
दुर्ग कार्यालय कलेक्टर, खाद्य शाखा द्वारा 16 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी, मोहन नगर को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। यह कार्रवाई खाद्य प्रकरण क्रमांक 38/वर्ष 2021-22 में कलेक्टर के 11 सितंबर 2026 के आदेश पर की गई है। खाद्य निरीक्षक टेकेश्वर प्रसाद साहू को संबंधित मूल दस्तावेजों के साथ थाने में उपस्थित होकर प्राथमिकी दर्ज कराया हैं।
जांच में सामने आई खाद्यान्न की कमी
विभागीय जानकारी के अनुसार, संबंधित शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 431001067 का निरीक्षण क्षेत्रीय सहायक खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक द्वारा किया गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान खाद्यान्न के निर्धारित स्टॉक और उपलब्ध मात्रा में अंतर पाया गया। इसमें सबसे अधिक कमी चावल की दर्ज की गई। इसके अलावा शक्कर और नमक की मात्रा में भी कमी सामने आई। खाद्य कार्यालय ने उक्त कमी की मात्रा की वसूली के लिए दुकान संचालक को आदेशित किया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला
खाद्य विभाग के पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रथम दृष्टया शासकीय खाद्यान्न के अन्यत्र उपयोग या व्यपवर्तन का मामला बनता है। इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 के तहत जारी छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के विभिन्न प्रावधानों और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन बताया गया है। विभाग ने संबंधित कृत्य को अधिनियम की धारा 7 के तहत दंडनीय बताते हुए FIR दर्ज कराने की अनुशंसा की।
पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई प्रतिलिपि
खाद्य नियंत्रक कार्यालय ने जारी पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, दुर्ग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है। इसके माध्यम से संबंधित थाना प्रभारी को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया है। पुलिस ने विभागीय आदेश में प्राथमिकी दर्ज किया हैं। पुलिस की विवेचना और आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
Talking India की टिप्पणी: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाला राशन एक महत्वपूर्ण सरकारी सुविधा है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और नियमानुसार कार्रवाई व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है।
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