91.85 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा
राजनांदगांव। Mule account used in ₹91.85 lakh cyber fraud; two accused arrested. साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजनांदगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किए गए म्यूल बैंक खातों के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन खातों के जरिए करीब 91 लाख 85 हजार रुपये की संदिग्ध राशि का लेन-देन हुआ था।
जांच में सामने आया कि यह रकम छह राज्यों में हुई साइबर ठगी से जुड़ी थी। आरोपियों ने बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी से प्राप्त रकम को हासिल करने और आगे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया।
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साइबर अपराध समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी
पुलिस ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की गई। जांच के दौरान आईसीआईसीआई बैंक के कुछ खातों में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के ट्रांजेक्शन मिले।
मामले में सिटी कोतवाली राजनांदगांव में अपराध क्रमांक 611/26 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4), 317(5) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई।
पहले एक आरोपी, अब दो और गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने 3 अक्टूबर को धनीराम सिन्हा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। इसके बाद विवेचना के दौरान जितेन्द्र पाण्डेय (34), निवासी रिसाली, जिला दुर्ग और हिमांशु निर्मलकर (22), निवासी कुरूद, जिला धमतरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद दोनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद 4 अक्टूबर को दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी की रकम को जमा करने, दूसरे खातों में भेजने या निकालने के लिए करते हैं। कई बार खाताधारक को इसके गलत इस्तेमाल की जानकारी नहीं होती। वहीं कुछ लोग कमीशन या आर्थिक लालच में जानबूझकर अपना खाता उपलब्ध कराते हैं।
पुलिस ने लोगों को किया सावधान
राजनांदगांव पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम न दें। कमीशन या आसान कमाई के लालच में भी अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने की अनुमति न दें। बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित जांच करें। किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
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