केंद्रीय जेल दुर्ग में वकील-बंदी मुलाकात पर उठे सवाल, जांच के निर्देश जारी

केंद्रीय जेल दुर्ग में अधिवक्ता और बंदियों की विधिक मुलाकात व्यवस्था को लेकर शिकायत और जांच के निर्देश
केंद्रीय जेल दुर्ग में अधिवक्ता-बंदी मुलाकात व्यवस्था से जुड़ी शिकायत पर जेल मुख्यालय ने जांच के निर्देश दिए।

दुर्ग। Questions raised regarding lawyer-inmate meetings at Durg Central Jail; probe ordered. केंद्रीय जेल दुर्ग में अधिवक्ताओं और बंदियों के बीच होने वाली विधिक मुलाकात की व्यवस्था को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायत में मुलाकात के दौरान गोपनीयता, अधिवक्ताओं के साथ व्यवहार और निर्धारित प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, छत्तीसगढ़ के महानिदेशक कार्यालय ने जांच के निर्देश जारी किए हैं।

जेल मुख्यालय ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग को पत्र भेजकर शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से जांच कराकर प्रतिवेदन मुख्यालय को भेजने का अनुरोध किया गया है।

अधिवक्ता ने लगाए अनियमितता के आरोप

प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, अधिवक्ता सौरभ चौबे ने केंद्रीय जेल दुर्ग में विधिक मुलाकात के दौरान कथित अनियमितताओं की शिकायत की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अधिवक्ता और बंदी के बीच मुलाकात के समय अनधिकृत निजी व्यक्तियों की मौजूदगी रहती है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे अधिवक्ता और बंदी के बीच होने वाली गोपनीय कानूनी चर्चा प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार और फूल ड्रेस में उपस्थित होने के लिए कथित रूप से अवैध निर्देश दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अधिवक्ताओं के लिए अलग व्यवस्था की मांग

शिकायत में जेल परिसर के भीतर अधिवक्ताओं के लिए पृथक और सम्मानजनक मुलाकात व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। आवेदन के अनुसार, कानूनी सलाह के दौरान गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के साथ उचित व्यवहार और मुलाकात की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित करने का आग्रह किया गया है।

3 सितंबर के बाद 30 सितंबर को फिर जारी हुआ पत्र

दस्तावेजों में उल्लेख है कि अधिवक्ता ने 1 सितंबर 2026 को व्हाट्सऐप के माध्यम से शिकायत भेजी थी। इसके बाद 3 सितंबर को जेल मुख्यालय ने कलेक्टर दुर्ग को जांच के लिए पत्र जारी किया। वहीं, 30 सितंबर 2026 को इस मामले में पुनः पत्र जारी किया गया। इसकी प्रतिलिपि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग को भेजी गई। पत्र में शिकायत के सभी बिंदुओं की जांच, उचित कार्रवाई और जांच प्रतिवेदन जेल मुख्यालय को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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