दुर्ग में नकली सोने से बड़ी ठगी का खुलासा
दुर्ग। Three accused arrested for ₹8.25 lakh fraud involving the pledging of fake gold jewelry. शहर में नकली सोने के जेवरात को असली बताकर गिरवी रखने और लाखों रुपये हासिल करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। थाना सिटी कोतवाली दुर्ग और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नकली सोने के जेवर गिरवी रखकर कुल 8 लाख 25 हजार रुपये प्राप्त किए थे।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक भोई पारा निवासी पवन कुमार जैन ने 4 अक्टूबर 2026 को सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 28 सितंबर और 30 सितंबर को एक महिला और एक पुरुष ने नकली सोने के जेवरात गिरवी रखे। इन जेवरों का कुल वजन 84.880 ग्राम था। इसके बदले उन्हें 8.25 लाख रुपये नगद दिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी सामने आने पर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 555/2026 दर्ज किया गया। प्रकरण में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई।
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पूछताछ में सामने आई पूरी कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसके बाद रमेश कुमार और मीनाक्षी बाघ को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों की घटना में संलिप्तता सामने आई। इसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद आरोपियों के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने नकली सोने के जेवर उपलब्ध कराने वाले राजेश अग्रवाल की पहचान की। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रकरण में भूमिका पाए जाने पर राजेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
नकली जेवर और मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए नकली सोने के जेवरात भी जब्त किए गए। बरामद जेवरों का कुल वजन 84.880 ग्राम बताया गया है। पुलिस ने आरोपी रमेश कुमार (35), मीनाक्षी बाघ (39) और राजेश अग्रवाल (45) को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। वहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में पुलिस आगे भी जांच कर रही है।
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